{"product_id":"sangram-hindi-by-premchand","title":"Sangram [Hindi] by Premchand","description":"\u003cp\u003eमुंशी प्रेमचंद ने इस नाटक में किसानों के संघर्ष का बहुत ही सजीव चित्रण किया है। इस नाटक में लेखक ने पाठकों का ध्यान किसान की उन कुरीतियों और फिजूल खर्चियों की ओर भी दिलाने की कोशिश की है जिसके कारण वह सदा ही कर्ज के बोझ से दबा रहता है और जमींदार और साहूकार से • लिए गए कर्जे का सूदं चुकाने के लिए उसे अपनी फसल मजबूर होकर औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमुंशी प्रेमचंद का जन्म बनारस के निकट लमही गांव में सन् 31 जुलाई, 1880 में हुआ था। उन्होंने बी.ए. की पढ़ाई पूरी करने के उपरांत इक्कीस वर्ष की उम्र में ही लिखना शुरू कर दिया था। उन्होंने लिखने की शुरूआत उर्दू भाषा से की। उनकी उर्दू में लिखी कहानियों का प्रथम संकलन 'सोजेवतन' के नाम से प्रकाशित हुआ। प्रेमचंद ने सन् 1923 में सरस्वती प्रेस की स्थापना की तथा सन् 1930 से 'हंस' नामक एक ऐतिहासिक पत्रिका का सम्पादन भी किया। उन्होंने अपने जीवन काल में कई कहानियाँ, उपन्यास और वैचारिक निबंध लिखे। उनकी रचनाओं में उनकी यही विशेषताएँ विद्यमान हैं। 8 अक्टूबर 1936 में मुंशी प्रेमचंद का बिमारी के कारण, निधन हो गया\u003c\/p\u003e","brand":"Best Of Used Books","offers":[{"title":"Used","offer_id":46089352184065,"sku":"33HBOETJ5-Used","price":99.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0421\/4299\/0495\/files\/1_d3ac94c1-acd5-4b06-9b46-dd5642313ba4.jpg?v=1740739814","url":"https:\/\/bestofusedbooks.com\/products\/sangram-hindi-by-premchand","provider":"Best Of Used Books","version":"1.0","type":"link"}