{"product_id":"bhartiya-parampara-me-samajik-samrasta-hindi-edition","title":"Bhartiya parampara me samajik samrasta [hindi edition]","description":"एक सामाजिक चेतावनी : डो. बाबा साहब अम्बेडकरजी\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003e\u003cbr data-mce-fragment=\"1\"\u003e२३ जुलाई १९५३ को जनोंने घोषित किया की वे राजनीति से अलग हो रहे हैं। ये कहते थे की समाज की प्रगति में राजनीति से अधिक महत्व सामाजिक, आर्थिक पहलुओं का है। राजनीति हो सब कुछ है ऐसी भावना के वशीभूत लोग निर्वाचन काल जाते ही टिकट के लिए दौड़ने लगते है, टिकट न मिलने पर समाज में फूट डालते है। इसलिए राजनीतिकों को चेतावनी देते हुए उन्हों ने कहा, \"हिन्दू समाज के जातिभेद और पंथ पुराने शत्रु है, उनमें परस्पर विरोधी विचारों के राजनीतिक दलों की और वृद्धि हुई है। इससे मेरी चिन्ता बढ़ गई है। साथ ही भारत की जनता को उन्द्रोंने चेतावनी दी कि \"इन राजनीतिक दलों ने अपने दलिय स्वार्थ को राष्ट्रहित से श्रेष्ठ माना तो भारतीय स्वाधीनता पुनः संकट में पड़ सकती है। इसलिए रसा की अंतिम बूंद तक हमे स्वाधीनता की रक्षा के लिए संघर्ष करने का निस्थय करना होगा।\"","brand":"Best of Used books","offers":[{"title":"Used","offer_id":44270256292097,"sku":"2VH5GJK75-Used","price":99.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0421\/4299\/0495\/files\/6f97ef0d-5e9f-45c9-9377-3484f17800ba.jpg?v=1700544556","url":"https:\/\/bestofusedbooks.com\/products\/bhartiya-parampara-me-samajik-samrasta-hindi-edition","provider":"Best Of Used Books","version":"1.0","type":"link"}